लोकमंथन 2022 में आपका स्वागत है श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र, गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा   लोकमंथन 2022 में आपका स्वागत है श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र, गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा

लोकमंथन

देश-काल-स्तिथि

22-24 सितंबर , 2022

हमारे बारे में

भारत में संचित ज्ञान को साझा करने, संभाषण तथा बोद्धिक विमर्ष करने की अति प्राचीन परम्परा रही है I गत कुछ शाताब्दियों में यह देश राजनीतिक तथा सामाजिक दुर्बलताओं के कारण संकीर्णता की स्थिति में रहा है I इसका प्रभाव न केवल इसके सामाजिक एवं धार्मिक मूल्यों पर अपितु उसकी ज्ञान सम्पदा तथा आर्थिक समृधि पर भी विपरीत रूप से पड़ा I तथापि हमारी राष्ट्रीयता का अधिष्ठान हमारी धार्मिक, राजनीतिक अथवा प्रशासकीय तंत्र मे न होकर हमारी अक्षुण्ण संस्कृति मे निहित है जो इस की अपार जनसमूह को सहस्त्राब्दियों से एकता के सूत्र में बांधे हुए है I वर्तमान समय में भारतीय विचारकों तथा नेतृत्व ने अपने आपको इस आत्मविश्वास से परिपूर्ण महान राष्ट्र के लिए समर्पित किया है I

लोकमंथन “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना से परिपूर्ण विचारकों एवं कर्मशीलों का लोकमंच है I जिसने वर्ष 2016 व 2018 में सार्वजनिक चिंतन में महत्वपूर्ण प्रभाव डाला I समकालीन मुद्दों को साझा करने, बौद्धिक विमर्श तथा आख्यान के लिए सबसे बड़ा मंच बनकर उभरा है जो न केवल देश बल्कि दुनिया को भी प्रभावित कर रहा है I इस राष्ट्रीय विमर्श का मंत्र परानुभूति और जागरूकता के आधार पर उभरते राष्ट्रवाद, अपेक्षाओ, सामाजिक न्याय तथा समता के आधार पर विकास को माध्यम बनाते हुए सामाजिक गतिशीलता के समस्त प्रयासों का संगम है I

कला, साहित्य, मीडिया और सिनेमा किसी भी देश के सम्बन्ध में उसके समाज की मनःस्थिति को सृजित करने में महती भूमिका का निर्वहन करता है I किसी भी देश की शैक्षिक तथा आर्थिक समृधि एवं उसके बढ़ते वैश्विक पदचिन्ह समाज की मनःस्थिति को प्रदर्शित करते हैं I नए एवं युवा चिंतकों एवं कर्मशीलों ने नवीन भारत को गहरे दर्शन और राष्ट्रीयता के बोध से गढ़ा है I लोकमंथन 2022 का उद्देश्य राष्ट्र के इन राजदूतों की सामूहिक प्रज्ञा को एकीकृत कर अपने अतीत की गौरवशाली परंपराओं और भारत के उज्ज्वल भविष्य के विकास के आधार पर अपने विशिष्ट राष्ट्रीय चरित्र को प्रदर्शित करना है I

लोकमंथन का पहला संस्करण 2016 में भोपाल में आयोजित किया गया जिस का मुख्य विषय देश-काल-स्तिथि पर केंद्रित था। संगोष्ठी में अभूतपूर्व भागीदारी रही, देश के सभी प्रांतो के विचारक एवं कर्मशीलो ने इस राष्ट्र आहुति में योगदान दिया। लोकमंथन 2016 ने राष्ट्रीयता के विमर्ष को 'औपनिवेशिकता से भारतीय मानस की मुक्ति', 'राष्ट्रिय अस्मिता एवं अन्य पहचानों का समायोजन' एवं 'राष्ट्र निर्माण में कला, संस्कृति, इतिहास और मिडिया की भूमिका ' के माध्यम से एक नए आयाम पर पहुँचाया। मात्र दो महीनो के अंतराल में पाँच प्रकाशन लोकमंथन के माध्यम से किये गए।

लोकमंथन 2018 (भारत बोध : जन गण मन ) ने मुख्य रूप से कला से लेकर पर्यावरण के विषयों को एक बहुस्तरीय वैचारिक मंच प्रदान किया। चार दिवसीय संगोष्ठी में समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारत के माननीय उपराष्ट्रपति, श्री एम वेंकैया नायडू और तत्कालीन माननीय लोकसभा अध्यक्ष, श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कार्यक्रम की शोभा बड़ाई। विभिन्न प्रकाशनों और जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने वाले कर्मशीलों की सतत भागीदारी से लोकमंथन का संदेश न केवल बुद्धिजीवियों के बीच बल्कि भारत के आम जनमानस के बीच भी प्रसारित हुआ ।

सत्र विवरण

21st - 24th September , 2022 Guwahati
भारत की लोक परम्पराएं

Day 1: 21st Sept 2022, Wednesday

Time Topic Speakers
4.00 PM प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि बिमल बोरा, उद्योग, वाणिज्य, सार्वजनिक उद्यम और संस्कृति मंत्री, असम सरकार
विशिष्ट अतिथि महाराजा लैशेम्बा सनाजाउबा, माननीय राज्यसभा सदस्य, मणिपुर
तीर्थंका दास कलिता, बौद्धिक प्रमुख, राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ,असम क्षेत्र

Day 2: 22nd Sept 2022, Thursday

Time Topic Speakers
07.30 AM - 08.15 AM पंजीयन प्रतिभागी एवं डेलिगेट्स का पंजीयन
08.30 AM – 09.30 AM प्रदर्शनी अवलोकन
10.00 AM – 11.45 AM उद्घाटन सत्र मुख्य अतिथि : श्री जगदीप धनखड़ , माननीय उप -राष्ट्रपति भारत
स्वागत भाषण एवं लोकमंथन भूमिका :माननीय अखिल भारतीय संयोजक प्रज्ञा प्रवाह :श्री जे. नंदकुमार
विशिष्ट अतिथि : हिमंत बिस्वा शर्मा , माननीय मुख्यमंत्री असम
महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी
12.00 PM - 01.00 PM भारत की लोक परंपराएँ - बीज वक्तव्य मुख्य वक्ता : डॉ. कपिल तिवारी
02.15 PM – 03.45 PM भारत की लोक परम्पराओं में श्रध्दा और विज्ञान प्रो. अभिराज राजेन्द्र मिश्र
प्रो. नीरजा गुप्ता
श्री जिश्नु देव वर्मा
04.15 PM – 05.45 PM भारत में वंशावली लेखन की परंपरा और उसका महत्त्व डॉ. सुखदेव राव
डॉ. सुनील आसोपा
डॉ भँवर सिंह राव
डॉ. रानोज पेगु
06.30 PM – 07.15 PM सांस्कृतिक कार्यक्रम यक्षगान, यक्ष सिंचना ट्रस्ट द्वारा
07.15 PM - 07.30 PM सांस्कृतिक कार्यक्रम जोगती नृत्य, मंजम्मा जोगती द्वारा
07.30 PM - 08.00 PM सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्तर पूर्व राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
8.30 PM - 10.00 PM सांस्कृतिक कार्यक्रम श्री अनंगारंग महंता पपोन असाम

Day 3: 23rd Sept 2022, Friday

Time Topic Speakers
07.45 AM – 08.30 AM विषय आधारित कला प्रस्तुति : जनजातियों की पर्यावरणीय एवं प्रकृति संरक्षण परंपराएं (छत्तीसगढ़)
09.15 AM – 10.45 AM लोक परंपरा में शक्ति की संकल्पना डॉ. सोनल मानसिंह
माता पवित्रानन्द
श्री मनोज श्रीवास्तव
11.15 AM – 12.45 PM भारत में धार्मिक यात्रा यात्राएँ एवं अन्नदान की परंपरा डॉ.पंकज सक्सेना
श्री मुकुंद दातार
प्रो. बनबीना ब्रह्मा
श्री मुकेश मेश्राम
02.15 PM – 03.45 PM समानांतर सत्र : लोकपरंपरा में कृषि और खाद्य श्री पार्थसारथि थपलियाल
श्री विष्णु मनोहर
डॉ बी. आर. कम्बोज
सुश्री राहीबाई सोमा पोपेरे
सुश्री ममता बाई भांगरे
02.15 PM – 03.45 PM समानांतर सत्र : लोकपरंपरा में शिक्षा और कथा वचन प्रो. सुजाता मिरी
श्री गिरीश प्रभुणे
प्रो. अर्चना बरुआ
04.15 PM – 05.45 PM लोकपरंपरा में वाद्य संस्कृति प्रो. एस. ए. कृष्णय्य
श्री संतोष कुमार
श्री आश्विन महेश दल्वी
06.30 PM – 07.10 PM सांस्कृतिक कार्यक्रम लोक में शक्ति की आराधना - संस्कार भारती
07.10 PM - 07.30 PM सांस्कृतिक कार्यक्रम बेगम बतूल की वाद्य गोष्ठी
07.30 PM - 08.00 PM सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्तर पूर्व राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
08.30 PM - 10.00 PM सांस्कृतिक कार्यक्रम श्री नील आकाश असाम

Day 4: 24th Sept 2022, Saturday

Time Topic Speakers
07.45 AM – 08.30 AM विषय आधारित कला प्रस्तुति : समान वैवाहिक लोक परंपराएं, तमिलनाडु, गुजरात, पूर्वोत्तर राज्यों से
09.15 AM – 10.45 AM लोक परंपराओं में संस्कार और कर्तव्य बोध संदर्भ - भारतीय समाज की औद्योगिक जातियाँ श्री बनवारी
प्रो. भगवती प्रकाश
श्री तेम जेन इमना
11.15 AM – 12.45 PM समांतर सत्र : लोकपरम्परा में पर्यावरण और जैव विविधता अनंत हेगड़े अषिसर
प्रो. परिमल भट्टाचार्य
11.15 AM – 12.45 PM समांतर सत्र : लोक परंपरा में पर्यावरण और जल संरक्षण श्री चन्द्र शेखर सिंह
श्री सच्चिदानंद भारती
श्री हर्ष चौहान
02.00 PM - 4.30 PM समापन सत्र मुख्य अतिथि : माननीय आरिफ मोहम्मद खान , राज्यपाल केरल
अध्यक्षता : श्री दत्तात्रेय होसबाले , माननीय सरकार्यवाह , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
विशिष्ट अतिथि : श्री हिमंत बिश्वा सरमा , माननीय मुख्यमंत्री , असम

Speakers

Shri. Jagdeep Dhankar

Shri Arif Mohammad Khan Hon'ble Governor of Kerala

Ma. Dattatreya Hosabale

Shree J Nandakumar

Shree Himanta Biswa Sarma

Sonal Mansingh Ji

Padma Shri Dr. Kapil Tiwari

Prof Abhiraj Rajendra Mishra

Shree Jishnu Debbarma

Mata Pavitranand

Begam Batool

Shree Chandrashekhar Singh

Harsh Chauhan Ji

Sachidanand Bharti

Tem Jem Imna

Prof. Bhagwati Prakash Sharma

Manjamma Jogati

SA Krishaniah

Ashwin Dalvi

Banwari Ji

Girish Y. Prabhune

Prof. Sujata Miri

Prof. Archana Baruah

Vishnu Manohar

Dr. B R Kamboj

Parthasarthi Thapliyal

Pankaj Saxena

Prof. Mukund Raghunath Datar ji

Sh. Mukesh Meshram

Dr. Neerja A Gupta

Manoj Kumar Shrivastava

Anant Hegde Ashisar

Dr. Santosh Kumar

Bhanvar Singh Rao

Dr. Sukhdev Rao

Ranoj Pegu

Rahi Bai Popere

Mamata bai Bhangare

पूर्व आयोजन

Ishan Lokmanthan 2022

अतीत आयोजन

लोकमंथन 2016

लोकमंथन 2018

आगामी आयोजन

मीडिया

लोकमंथन 2016

लोकमंथन 2018

प्रकाशन